शहीदों ने देश के लिए अपने जीवन और जवानी हंसते-हंसते समर्पण कर दिया- श्री प्रकाश जी

 


 मनियर (बलिया) हरिजन बस्ती में स्वाधीनता के अमृत महोत्सव कार्यक्रम विगत बृहस्पतिवार की शाम हुआ जिसमें बतौर मुख्य अतिथि विभाग प्रचारक श्री प्रकाश जी ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक पार्टी एवं संगठन का कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह कार्यक्रम भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष में देश को आजाद कराने वाले उन शहीदों की  याद करने के लिए मनाया जा रहा है जिन्होंने इस देश के लिए अपनी जीवन और जवानी हंसते-हंसते समर्पण कर दिया ।

उनमें कुछ लोग तो शहीद हो गए जबकि कुछ लोग गुमनाम हो गए ।उत्तर प्रदेश सूचना मंत्रालय ने 1965 में एक पुस्तक निकाली थी जिसमें देश की आजादी के लिए बलिया जिले के 53 लोगों के बलिदान का वर्णन है ।यह कार्यक्रम जन महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। देश की आजादी  में सिर्फ बड़े घराने के लोगों ने हिस्सा नहीं लिया था बल्कि कुछ ऐसे लोग भी हिस्सा लिए थे जो बिल्कुल सामान्य  परिवार के थे जिसमें बंकवा गांव के एक 13 साल की बच्ची ने भी बलिदान दिया था। इतिहासकारों ने उन सामान्य परिवार के लोगों के बलिदान को उपेक्षित कर दिया है तथा लिखा है कि साबरमती के लाल तूने कर दिया कमाल। दे दी आजादी तूने बिना खड्ग बिना ढाल ।यदि बिना खड्ग और ढाल से आजादी मिली थी तो उन क्रांतिकारियों को अपने जीवन के बलिदान करने की जरूरत ही क्या थी? सिकन्दर को इतिहासकारों ने महान बताया है जिसको भारतीय राजा पोरस ने युद्ध में हरा कर खदेड़ दिया था ।भारत की विराट संस्कृति रही है इसलिए पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। कार्यक्रम में भृगुनाथ प्रसाद स्वर्णकार सहित आदि लोग मौजूद रहे ।संचालन संयोजक योगेंद्र सिंह एवं अध्यक्षता विजय प्रकाश गुप्ता ने किया ।


Report - रवि कुमार सिंह














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